उदयपुर में जलवायु परिवर्तन का बच्चों के पोषण और खाद्य सुरक्षा पर गहरा असर पड़ रहा है। अचानक तेज बारिश, गर्मी, सूखा और बाढ़ जैसी घटनाएं बच्चों के खानपान को प्रभावित कर रही हैं। स्थानीय आंगनवाड़ी सेवाएं और सरकारी खाद्य सुरक्षा योजनाएं, जैसे मिड-डे मील और टेक होम राशन, जलवायु संकट के कारण बाधित हो रही हैं।
प्रवासी परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता, और मौसम के कारण खेती की पैदावार भी कम हो रही है, जिससे खाद्य असुरक्षा बढ़ रही है। कुपोषण और एनीमिया की दरें उच्च हैं, खासकर महिलाओं और बच्चों में। सरकार ने खाद्य सुरक्षा कानून लागू किया है, लेकिन इन योजनाओं के कार्यान्वयन में कई चुनौतियां हैं, जैसे लाभार्थियों की पहचान और वितरण में रुकावट। इसके समाधान के लिए जलवायु-लचीली पद्धतियों, मजबूत वितरण प्रणालियों और विशेष सरकारी हस्तक्षेप की आवश्यकता है।