शुरुआती १००० दिन बच्चे के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, जब उसका मस्तिष्क तीव्र गति से विकसित होता है। इस दौरान घर आधारित उत्तरदायी देखभाल—प्रेम, भाषा, खेल और पोषण—बच्चे के संज्ञानात्मक, सामाजिक और भावनात्मक विकास की नींव रखती है। दुर्भाग्यवश, ०-३ आयु वर्ग के बच्चों के लिए नीति, संसाधन और मार्गदर्शन की अब भी भारी कमी है। आंगनवाड़ी सेवाओं से बाहर के बच्चों और देखभालकर्ताओं के लिए आयु उपयुक्त गतिविधियाँ, पुरुष सहभागिता और विभिन्न विभागों का तालमेल आवश्यक है। सही निवेश और जागरूकता से हम सभी बच्चों को समान अवसर दे सकते हैं—चाहे उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो।